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23/8/2008


अल्पसंख्यक जैन समुदाय की महिला नगर पालिका अध्यक्ष पर अत्याचार !


महिला सत्ताधीश और उनके हिन्दुत्ववादी-सामन्तवादी सोच के सहयोगियों की रहनुमाई में अल्पसंख्यक जैन समुदाय की महिला नगर पालिका अध्यक्ष को प्रताडित अपमानित करने के प्रयास में कुछ नये तथ्य हमारे पास उपलब्ध हैं। उनमें से कुछ बेहद गम्भीर-संवेदनशील और चौंकाने वाले हैं।राजस्थान के राजसमन्द जिले की आमेट नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती प्रेम कुमारी जिनके अध्यक्षीय अधिकार गैर कानूनी तरीके से सीज कर दिये गये हैं, वे दर असल अल्पसंख्यक जैन समुदाय के तेरापंथ मत की हैं। उनके अधिकारों को इसलिये गैर कानूनी तरीके से सीज कर दिया गया है, क्योंकि एक तो वे अल्पसंख्यक जैन समुदाय की हैं दूसरे वे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संद्य व भाजपा के स्थानीय भ्रष्ट और बेइमान पदाधिकारियों के दबाव में आकर उनके भ्रष्ट कारनामों में शामिल नहीं हो रहीं थी। आमेट नगर पालिका में भाजपाई बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेन्द्र लुहार, भाजपा की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष धर्मचंद खाव्या, नगर पालिका के सचिव, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी, लेखा शाखा के अफसरों, कट्टर हिन्दुत्ववादी जैन पार्षद बाबूलाल दक व प्रवीण कोठारी की भ्रष्ट मण्डली, जिसे कट्टर सामन्तवादी सोच के राज्य के सिंचाई मंत्री सुरेन्द्र सिंह राठौड का वरदहस्त है, ने पूरा प्रयास किया कि वे उनकी भ्रष्टाचार मण्डली में शामिल हो जायें, लेकिन वे नहीं मानी ! अब इन हिन्दुत्ववादी भ्रष्टाचारियों के पास एक ही इलाज बचा था कि वे अध्यक्ष श्रीमती प्रेम कुमारी को हटा कर राजेन्द्र लुहार की पत्नि को नगर पालिका का अध्यक्ष बना दें, लेकिन पार्षदों की गणित ने सारा गणित बिगाड दिया। जब दाल नहीं गली तो अध्यक्ष श्रीमती प्रेम कुमारी के अध्यक्षीय अधिकारों पर गैर कानूनी तरीके से रोक लगा दी और उन्हें जबरन नगर पालिका के दफ्तर में भी नहीं घुसने दिया जा रहा है। जिला कलक्टर और सरकार उन्हें सुरक्षा भी नहीं मुहय्या करवा रही है।
शर्मनाक हालात ये हैं कि धडाधड टेण्डर-कोटेशन निकाले जा रहे हैं बिना अध्यक्ष की अनुमति एवं हस्ताक्षर के मोटे-मोटे भुगतान हो रहे हैं और धडल्ले से चल रही है कमीशन खोरी ! बेशर्मी देखिये इन नालायकों की, उदघाटन-अनावरण में जो नामपट्ट लगाये जा रहे हैं उन पर अध्यक्ष का तो नाम ही गायब है। अपने आपको महिलाओं का हिमायती मानने वाली भाजपानीत श्रीमती वसुन्धरा राजे सरकार का पूरा मंत्रीमण्डल, मुख्यसचिव से लेकर सरकार के सारे आला अफसर चुप बैठ कर तमाशा देश रहे हैं जैसे इन्हें सांप सूंद्य गया हो ! अल्पसंख्यक जैन समुदाय की इस आमेट नगर पालिकाध्यक्ष श्रीमती प्रेम कुमारी पर हो रहे अत्याचार से अब यह बिलकुल साफ है कि राजस्थान की सामन्तवादी सोच की सरकार और उसके बेलगाम मंत्री तथा कट्टर हिन्दुत्ववादी नास्तीवादी भाजपा, महिला कल्याण का दिखावे का ढोल पीट रही है। असलियत यह है कि इन की अगुआई में इनका भ्रष्टाचारी कुनबा हिन्दुत्ववादी जैनियों के साथ मिल कर, खास कर अल्पसंख्यक महिलाओं पर अत्याचार, कर रहे हैं और अत्याचारों का यह क्रम जारी रहेगा। जिसका अब सशक्त विरोध होना ही चाहिये।
आश्चर्य इस बात का भी है कि तेरापंथ समाज के प्रमुख सन्त आचार्य महाप्रज्ञ भी महिलाओं पर, खास कर अल्पसंख्यक महिलाओं पर, अत्याचार के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं आखीर क्यों ? यह महिला तो उन्ही के पंथ की है। लेकिन हमारा सोच मत-पंथ से ऊपर समग्र जैन समाज से जुडा है कि जैन समाज की महिलाओं पर अत्याचार हो और जैन समाज के मुखिया चुप होकर बैठ जायें। इस तरह के अत्याचार का समग्र जैन समाज को निश्चित तौर पर विरोध करना चाहिये ! लेकिन जैन समाज के मुखिया जैन संस्कृति के अनुयायी के रूप में इस का विरोध करते हैं या हिन्दुत्ववादी जैनी का निकृष्ट रोल अदा करते हैं, यह आनेवाला समय ही बतायेगा ! हमारा आचार्य महाप्रज्ञ जी से भी विनम्र आग्रह है कि "स्टेट गैस्ट" की पदवी से ज्यादा अहमियत अत्याचार के खिलाफ जंग की है। उम्मीद है इस मुददे पर जैन समाज को आपका नेतृत्व व सशक्त मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

हीराचंद जैन

outmail9414279658@yahoo.co.in

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